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BSKC 131 Sanskrit Padya Sahitya

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IGNOU BSKC-131 Solved Assignment

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IGNOU BAG BSKC-131 (January 2025 – July 2025) Assignment Questions
(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :-

1. अधोलिखित श्लोकों की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए-

क्व- सूर्यप्रभवो वंशः क्व चाल्पविषया मतिः ।
तितीर्षुर्दुस्तरं मोहादुडुपेनास्मि सागरम् ।।
अथवा
वैवस्वतो मनुर्नाम माननीय मनीषिणाम् ।
आसीन्महीक्षितामाद्यः प्रणवश्छन्दसामिव । ।

ख- सखा गरीयान् शत्रुश्व कृत्रिमस्तौ हि कार्यतः ।
स्याताममित्रौ मित्रे च सहजप्राकृतावपि ।।
अथवा
तुल्येऽपराधे स्वर्भानुर्भानुमन्तं चिरेण यत् ।
हिमांशुमाशु ग्रसते तन्मदिम्नः स्फुटं फलम् ।।

ग- यदा किंचिज्जोऽहं द्विप इव मदान्धः समभवं
तदा सर्वज्ञोऽस्मीत्यभवदवलितं मम मनः ।
यदा किंचित्किंचिद् बुधजनसकाशादवतं
तदा मूर्योऽस्मीति ज्वर इव मदो मे व्यपगतः ||
अथवा
हर्तुर्याति न गोचरं किमपि शं पुष्णाति यत्सर्वदा-
प्यर्थिभ्यः प्रतिपाद्यमानमनिशं प्राप्नोति वृद्धिं पराम् ।
कल्पान्तेष्वपि न प्रयाति निधनं विद्याख्यमन्तर्धनं
येषां तान्प्रति मानमुज्झत नृपाः कस्तैः सह स्पर्धते ।।

भाग ख

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

नोट निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग : 700 शब्दों में लिखिए।

2. भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र चित्रण कीजिए ।
अथवा
देवर्षि नारद का चरित्रचित्रण कीजिए |-

3. माघ का जीवन और उनके शैलीगत वैशिष्ट्य का वर्णन कीजिए ।
अथवा
‘रघुवंश’ महाकाव्य के आधार पर राजा दिलीप का चरित्रचित्रण कीजिए-

भाग- ग

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

नोट: निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग : 200 शब्दों में दीजिए।

4. ‘रघुवंश’ महाकाव्य के आधार पर सुक्षिणा की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
5 वैराग्य शतक का परिचय लिखिए।
6. भर्तृहरि का सामाजिक अनुभव लिखिए
7. रघुवंश महाकाव्य की कोई दो सूक्तियां लिखकर स्पष्ट कीजिये ।
8. ‘घंटामाघ’ को स्पष्ट कीजिए ।
9. नीतिशातक के आधार पर ‘विद्या’ को स्पष्ट करें ।
10. ‘शिशुपालवध’ महाकाव्य के आधार पर युधिष्ठर की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।

 

IGNOU BAM BSKC-131 (January 2025 – July 2025) Assignment Questions
(क) व्याख्या आधारित प्रश्न :-

1. अधोलिखित श्लोकों की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए-

क्व- सूर्यप्रभवो वंशः क्व चाल्पविषया मतिः ।
तितीर्षुर्दुस्तरं मोहादुडुपेनास्मि सागरम् ।।
अथवा
वैवस्वतो मनुर्नाम माननीय मनीषिणाम् ।
आसीन्महीक्षितामाद्यः प्रणवश्छन्दसामिव । ।

ख- सखा गरीयान् शत्रुश्व कृत्रिमस्तौ हि कार्यतः ।
स्याताममित्रौ मित्रे च सहजप्राकृतावपि ।।
अथवा
तुल्येऽपराधे स्वर्भानुर्भानुमन्तं चिरेण यत् ।
हिमांशुमाशु ग्रसते तन्मदिम्नः स्फुटं फलम् ।।

ग- यदा किंचिज्जोऽहं द्विप इव मदान्धः समभवं
तदा सर्वज्ञोऽस्मीत्यभवदवलितं मम मनः ।
यदा किंचित्किंचिद् बुधजनसकाशादवतं
तदा मूर्योऽस्मीति ज्वर इव मदो मे व्यपगतः ||
अथवा
हर्तुर्याति न गोचरं किमपि शं पुष्णाति यत्सर्वदा-
प्यर्थिभ्यः प्रतिपाद्यमानमनिशं प्राप्नोति वृद्धिं पराम् ।
कल्पान्तेष्वपि न प्रयाति निधनं विद्याख्यमन्तर्धनं
येषां तान्प्रति मानमुज्झत नृपाः कस्तैः सह स्पर्धते ।।

भाग ख

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

नोट निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग : 700 शब्दों में लिखिए।

2. भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र चित्रण कीजिए ।
अथवा
देवर्षि नारद का चरित्रचित्रण कीजिए |-

3. माघ का जीवन और उनके शैलीगत वैशिष्ट्य का वर्णन कीजिए ।
अथवा
‘रघुवंश’ महाकाव्य के आधार पर राजा दिलीप का चरित्रचित्रण कीजिए-

भाग- ग

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

नोट: निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग : 200 शब्दों में दीजिए।

4. ‘रघुवंश’ महाकाव्य के आधार पर सुक्षिणा की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
5 वैराग्य शतक का परिचय लिखिए।
6. भर्तृहरि का सामाजिक अनुभव लिखिए
7. रघुवंश महाकाव्य की कोई दो सूक्तियां लिखकर स्पष्ट कीजिये ।
8. ‘घंटामाघ’ को स्पष्ट कीजिए ।
9. नीतिशातक के आधार पर ‘विद्या’ को स्पष्ट करें ।
10. ‘शिशुपालवध’ महाकाव्य के आधार पर युधिष्ठर की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।

 

IGNOU BAM BSKC-131 (January 2024 – July 2024) Assignment Questions
भाग-क (क) व्याख्या आधारित

प्रश्न : -1. अधोलिखित श्लोक की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए-

(क) समूलघातमघ्नन्त: परान्नोद्यन्ति मानिनः ।
प्रध्वंसितान्धतमसस्तत्रोदाहरणं रवि ।। |
अथवा
तुल्येऽपराधे स्वर्भानुर्भानुमन्तं चिरेण यत् ।
हिमांशुमाशु ग्रसते तन्म्रदिम्नः स्फुटं फलम् ।।

(ख) सेना परिच्छदस्तस्य द्वयमेवार्थसाधनम् ।
शास्त्रेष्वकुण्ठिता बुद्धिर्मौर्वी धनुषि चातता ।।
अथवा
मन्दः कवियशः प्रार्थी गमिष्याम्युपहास्यताम् ।
प्रांशुलभ्ये फले लोभादुबाहुरिव वामनः

(ग) दिक्कालाद्यनवच्छिन्नानन्तचिन्मात्रमूर्तये ।
स्वानुभूत्येकमानाय नमः शान्ताय तेजसे ।।
अथवा
विद्या नाम नरस्य रूपमधिकं प्रच्छन्नगुप्तं धनं
विद्या भोगकरी यशः सुखकरी विद्या गुरूणां गुरुः ।
विद्या बन्धुजनो विदेशगमने विद्या परं दैवता
विद्या राजसु पूज्यते न हि धनं विद्याविहीनः पशुः ।।

भाग- ख (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न )

नोट : निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 700 शब्दों में लिखिए ।

2. भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
अथवा
देवर्षि नारद का चरित्र-चित्रण कीजिए |

3. भारवि का परिचय और उनके शैलीगत वैशिष्ट्य का वर्णन कीजिए ।
अथवा
रघुवंश महाकाव्य के आधार पर ‘रघुवंश’ के कथासार को अपने शब्दों में लिखिए।

भाग-ग (लघु उत्तरीय प्रश्न )

नोट : निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए । प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए ।

4. राजा राम का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
5. वैराग्यशतक का परिचय लिखिए ।
6. भर्तृहरि का परिचय प्रस्तुत कीजिए ।
7. कालिदास के जीवनवृत्त लिखिए।
8. माघ के अनुसार प्रकृति का वर्णन कीजिए ।”
9. नीतिशतक के प्रतिपाद्य का वर्णन कीजिए ।
10. “माघे सन्ति त्रयो गुणः” को स्पष्ट कीजिए ।

IGNOU BSKC-131 ASSIGNMENTS DETAILS

University : IGNOU (Indira Gandhi National Open University)
Title : Sanskrit Padya Sahitya
Language(s) : Sanskrit
Code : BSKC-131
Degree : BAG, BAM, BAFSK, BAASK
Subject : Sanskrit
Course : Core Courses (CC)
Author : ignouedumart.com Panel
Publisher : Distance Gyan Publishing House Pvt. Ltd.

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