IGNOU BHDC-109- Solved Assignment
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IGNOU BHDC-109 (July 2025 – January 2026) Assignment Questions
भाग-क
1. निम्नलिखित गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए।
(क) एक पूरा मकान बर्तन से भरा हुआ है। चाय के सेट हैं, नाश्ते की तश्तरियाँ थाल, लोटे, गिलास। जो लोग नित्य खाट पर पड़े हुक्का पीते रहते थे, बड़ी तत्परता से काम में लगे हुए हैं। अपनी उपयोगिता सिद्ध करने का ऐसा अच्छा अवसर उन्हें फिर बहुत दिनों के बाद मिलेगा। जहाँ एक आदमी को जाना होता है, पाँच दौड़ते हैं। काम कम होता है. हुल्लड़ अधिक। जरा जरा-सी बात पर घण्टों तर्क-वितर्क होता है और अन्त में वकील साहब को आकर निर्णय करना पडता है।
(ख) मैं आठवीं क्लास में पढ़ता था। तब मैं क्या समझाता हूँगा, क्या नहीं समझाता हूँगा। फिर भी यह बातें मुझे बिल्कुल अच्छी नहीं मालूम हो रही थीं। जी में कुछ बेमतलब गुस्सा चढ़ता आता था। जी होता था कि वहीं के वहीं कोई दुस्सह अविनय कर डालूँ। ऐसे भाव की कोई वजह न थी, पर बाबू जी की कुछ दबी हुई स्थिति की झलक उनके चेहरे पर देखकर बड़ी खीझ मालूम हो रही थी, पर जाने मुझे क्या चीज रोक रही थी कि मैं फट नहीं पड़ा।
(ग) तुलसी ने सीढ़ियाँ पार कीं, ड्योढ़ी, बगीचा और फाटक पार किया, बाहर निकल आए। सड़क पर कुछ दूर जाकर उन्होंने एक बार और उस घर पर दृष्टि डाली। लगा कि जैसे जीव का अपने एक जन्म से साथ छूट रहा हो। मन अब भी सब कुछ वही चाहता है, किंतु ज्ञान यथार्थ-बोध कराता है। जो मनुष्य बनकर जन्मता है उसके मन को यह हक है कि वह असंभव से असंभव वस्तु की चाहना भी कर ले, पर उसे पाने की शक्ति और औचित्य के बिना क्या वह हक यथार्थ है ? अपनी परिस्थियिों पर विचार न करनेवाला व्यक्ति मूर्ख होता है।
(घ) बंटी अपने घर में घूम रहा है। पर अपने घर जैसा कुछ भी तो नहीं लगा रहा उसे। सर्दी के दिनों में सांझ से ही तो चारों ओर अँधेरा घुसने लगता है। और जैसे-जैसे अँधेरा घुलता जा रहा है, सब कुछ और ज्यादा-ज्यादा अपरिचित होता जा रहा है। यहाँ तो आसमान भी पहचाना हुआ नहीं लगता, हवा भी पहचानी हुई नहीं लगती। अपने घर का आसमान और अपने घर की हवा कहीं ऐसी होती है?
भाग-ख
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 750-800 (प्रत्येक) शब्दों में दीजिए।
(1). हिन्दी उपन्यास के विकास पर प्रकाश डालिए।
(2). निर्मला उपन्यास के आधार पर निर्मला की चारित्रिक विशेषताएँ बताइए।
(3). ‘मृगनयनी के परिवेश के विविध पक्षों पर विचार कीजिए।
भाग-ग
3. निम्नलिखित पर लगभग 250 (प्रत्येक) शब्दों में टिप्पणी लिखिए :
(1) प्रेमचंदयुगीन हिन्दी उपन्यास
(2) ‘आपका बंटी के सहायक चरित्र
(3) ‘मानस का हंस की भाषा और शैली
IGNOU BHDC-109 (July 2024 – January 2025) Assignment Questions
भाग-क
1. निम्नलिखित गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए ।
(क) निर्मला बच्चे को रोते देखकर विह्वल हो उठी। उसने उसे छाती से लगा लिया और गोद में लिये हुए अपने कमरे में लाकर उसे चुमकारने लगी, लेकिन बालक और भी सिसक-सिसक कर रोने लगा। उसका अबोध हृदय इस प्यार में वह मातृ-स्नेह न पाता था, जिससे दैव ने उसे वंचित कर दिया था। यह वात्सल्य न था, केवल दया थी । यह वह वस्तु थी, जिस पर उसका कोई अधिकार न था, जो केवल भिक्षा के रूप में उसे दी जा रही थी। पिता ने पहले भी दो-एक बार मारा था, जब उसकी माँ जीवित थी; लेकिन तब उसकी माँ उसे छाती से लगाकर रोती न थी ।
(ख) विवाह भावुकता का प्रश्न नहीं, व्यवस्था का प्रश्न है। वह प्रश्न क्या यों टाले टल सकता है ? वह गाँठ है जो बँधी कि खुल नहीं सकती, टूटे तो टूट भले ही जाए। लेकिन टूटना कब किसका श्रेयस्कर है ? पर आठवीं क्लास का विद्यार्थी मैं यह सब नहीं जानता था । इसलिए उस समय अति- संपूर्ण भाव से मैंने बुआ को आश्वासन दे दिया कि वह सदा इसी घर में रहेंगी। देखूँ कौन फूफा होते है जो ले जाएँ। ऐसा मन न करो, बुआ । फ़िकर क्या है। यह प्रमोद बड़ा होकर खूब कमाएगा और तुम्हारी खूब सेवा करेगा और तुम्हें कुछ कष्ट न होने देगा |
(ग) रामघाट पर नित्य बाबा रामचरित मानस सुनाते हैं। कोल – किरात आदि गण दूर-दूर से आकर आजकल चित्रकूट में ही अपना डेरा जमाए हुए हैं। वे बाबा के लिए फल, फूल, कंद मूल, दूध, दही आदि लेकर आते हैं। इस समय रामजियावन के घर में मानो आठों सिद्धि नवोनिधियों का वास है। तीसरे पहर कथा होती है और फिर भक्तों की भीड़ रमजियावन के घर में सजी हुई झांकी देचाने के लिए आती है।
(घ) बंटी बहुत संकुचित हो आया। भीतर ही भीतर कहीं गुस्सा भी आने लगा। फूफी ऐसा कहती तो मज़ा चखा देता । पापा से क्या कहे? पर पापा ऐसी बात कहते ही क्यों हैं? खुद तो ममी के साथ नहीं रहते, चाहते हैं वह भी नहीं रहे। बहुत चालाक हैं। एकाएक उसके मन में सामने बैठे पापा के लिए गुस्सा उफनने लगा। बहुत मन हुआ पूछे, आप ममी को भी साथ लेकर क्यों नहीं चलते? उसने एक उड़ती -सी नजर डाली ।
भाग – ख
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 750-800 (प्रत्येक ) शब्दों में दीजिए ।
(1). प्रेमचंद के उपन्यासों का परिचय दीजिए ।
(2). ‘त्याग-पत्र’ के कथानक की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।
(3). ‘मानस का हंस’ के प्रमुख चरित्रों की विशेषताओं का विवेचन कीजिए ।
भाग-ग
3. निम्नलिखित पर लगभग 250 (प्रत्येक ) शब्दों में टिप्पणी लिखिए:
(1) प्रेमचंद पूर्व हिन्दी उपन्यास
(2) ‘निर्मला’ उपन्यास की कथावस्तु की विशेषताएँ
(3) ‘मृगनयनी’ का राजनीतिक परिवेश
IGNOU BHDC-109 ASSIGNMENTS DETAILS
| University | : | IGNOU (Indira Gandhi National Open University) | |
| Title | : | Hindi Upanyas | |
| Language(s) | : | Hindi | |
| Code | : | BHDC-109 | |
| Degree | : | BA (Honours),BAHDH | |
| Subject | : | Hindi | |
| Course | : | Core Courses (CC) | |
| Author | : | ignouedumart.com Panel | |
| Publisher | : | Distance Gyan Publishing House Pvt. Ltd. |
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